रिश्ता
आज कल
यही है...रिश्ता !
तोड़ देते है...दिल को
प्यार सही है तो भी...!
अगर कुछ बोले तो...
न बातें...न रिश्ते !
तोड़ देते है......
सह कुछ !
मगर...हम कैसे रहें,
बिना प्यार करके...
हमें तो सिर्फ
प्यार करना आता है...!
न जाने...हम...ऐसा क्या किया
हमें..प्यार वापस नहीं मिलता है !
रिश्ता जोड़ना हमें अच्छा लगते है
मगर...वोह समझते नहीं....
हमें उनसे बातें करनी है...
बातों से...भले ...ठीक हो जायें...
१०१-रिश्ता-०९.१०.2017
विनोद कुमार टी.वी
आज कल
यही है...रिश्ता !
तोड़ देते है...दिल को
प्यार सही है तो भी...!
अगर कुछ बोले तो...
न बातें...न रिश्ते !
तोड़ देते है......
सह कुछ !
मगर...हम कैसे रहें,
बिना प्यार करके...
हमें तो सिर्फ
प्यार करना आता है...!
न जाने...हम...ऐसा क्या किया
हमें..प्यार वापस नहीं मिलता है !
रिश्ता जोड़ना हमें अच्छा लगते है
मगर...वोह समझते नहीं....
हमें उनसे बातें करनी है...
बातों से...भले ...ठीक हो जायें...
१०१-रिश्ता-०९.१०.2017
विनोद कुमार टी.वी
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